श्रीरामजी जन्म दिवस पर हार्दिक बधाई


कोमल चित्त अति दीनदयाला ,
कारण बिनु रघुनाथ कृपाला …

कोमलहृदय, दीनदयालु ,कृपानिधान भगवान श्री रामजी स्वभाव से ही अकारण सब पर कृपा बरसाने वाले हैं। आप उनकी शरण जाएँ, वे बिना भेदभाव के आप पर कृपा करेंगे। ऐसे सबका हित साधन करने वाले, सहज, सरल स्वभाव वाले भगवान श्री रामजी के प्राकट्य दिवस रामनवमी के पावन अवसर पर सभी विश्वबंधुओं को बहुत बहुत बधाई ।

भगवान सुखधाम, सुखकर्ता और दुःख हर्ता हैं. वे दुष्टों का दलन करने (बुराई दूर करने) अच्छाई स्थापित करने अवतरित होते हैं। आप यदि शुद्ध ह्रदय से उनकी शरण लेंगे तो वे जरूर आपको अपने ह्रदय सिंहासन पर बैठाएंगे।

हमारे पुराणों अनुसार अवतारों के अवतरण संबंधी मान्यता रही है कि :
जब जब होई धरम के हानि, बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी
…..तब तब प्रभु धरि बिबिध सरीरा, हरिहिं कृपानिधि सज्जनपीरा
(जब जब धर्म का पतन होता है, दुष्ट अभिमानी बढ़ जाते हैं….तब तब कृपानिधान प्रभु विविध शरीर धारण करके सज्जनों के दुःख दूर करते हैं।)
इस प्रकार भगवान कृपा कर सगुण रूप में संसार में प्रकट होते हैं। उनके सगुण रूप के कारण हम उनके असीम गुण, रूप सौन्दर्य, कृपा अदि को महसूस करने लगते हैं। ह्रदय में ऐसा स्वरूप बैठा कर हम उनका स्मरण कर सकते हैं, जिससे हमारा ह्रदय, हमारे विचार, कर्म सभी शुद्ध होते हैं।
समझने योग्य एक प्रमुख तथ्य यह भी है कि भगवान के सगुण रूप से हमारी भक्ति को आधार और मुखरता मिलती है। इसीलिए हम भजन द्वारा हमारे भावों को अभिव्यक्त करते हैं। भगवान का स्मरण कर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं। यानी हमारे भजन, हमारे भावों की सरस अभिव्यक्ति भगवान के श्री चरणों में अर्पित करते हैं। तो आइए भगवान तक हमारे भाव पहुंचाने एक भजन गुनगुना लें…..
राम सुमीर ले … राम सुमीर ले ….

You may also like

LEAVE A COMMENT