11 वां किऊल महोत्सव 22 से, 1100 कन्याएं निकालेंगी कलश यात्रा


ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मंगन वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी जैसी भजनों से गुंजेगा किऊल महोत्सव। इस भजन के गायक और अंतराष्ट्रीय भजन सम्राट अनूप जलोटा 22 से शुरू होन वाले तीन दिवसीय किऊल महोत्सव का मुख्य आकर्षण होंगे। 11 वें किऊल महोत्सव की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन स्थल किऊल रेलवे इंस्टीच्यूट परिसर में लगभग 15 हजार वर्ग फीट का विशाल पंडाल बनाया जा रहा है।

आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव के पहले दिन सुबह आठ बजे केआरके मैदान से 1 हजार 100 कन्याओं की कलश यात्रा निकलेगी। यह कलश यात्रा लगभग आठ किलोमीटर दूरी तय कर आयोजन स्थल तक पहुंचेगी। कलश यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा कोलकाता की रौंपा झांकी। 16 कलाकारों वाली इस टीम द्वारा कलश यात्रा के दौरान झांकी प्रस्तुत की जाएगी।

शाम छह बजे उड़िसा संबलपुर के स्वामी भ्रत दास एवं उमाशंकर बाल व्यास राही द्वारा प्रवचन किया जाएगा। रात में भजन सम्राट अनूप जलोटा द्वारा भजनों की प्रस्तुति होगी। 23 जनवरी को सुनील मिश्रा व उनके सहयोगी कलाकारों द्वारा भक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी। 24 जनवरी को महोत्सव के अंतिम दिन भोजुरी की प्रसिद्ध लोक गायिका देवी अपने टीम के साथ कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी।

आयोजन समिति के सचिव नवल कुमार ने बताया कि राज्य के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह 22 जनवरी को किऊल महोत्सव का उदघाटन करेंगे। 23 जनवरी को बांका सांसद जयप्रकाश नारायण यादव राज्य सरकार के श्रम संसाधन मंत्री बिजय प्रकाश एवं 24 जनवरी को केन्द्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह महोत्सव का हिस्सा बनेंगे।

इसके अलावा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी भी शिरकत करेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह व संयुक्त सचिव केशर चंद्र अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव की तैयार तेजी से चल रही है। तीन दिवसीय 11 वें किऊल महोत्सव यादगार होगा।

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