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श्रद्धांजलि : किशोरी अमोनकर


भारतीय शास्त्रीय संगीत गायिका किशोरी आमोनकर का मुम्बई में सोमवार (3 अप्रैल2017) देर रात निधन हुआ। संगीत के क्षेत्र में हुनर और मेहनत से सिक्का जमानेवाली किशोरी आमोणकर को उनके चाहने वाले ताई के नाम से भी जानते थे। किशोरी ताई जयपुर घराने की शिष्या थीं, जिन्होंने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में मेहनत से अपना परचम

श्रीरामजी जन्म दिवस पर हार्दिक बधाई


कोमल चित्त अति दीनदयाला , कारण बिनु रघुनाथ कृपाला … कोमलहृदय, दीनदयालु ,कृपानिधान भगवान श्री रामजी स्वभाव से ही अकारण सब पर कृपा बरसाने वाले हैं। आप उनकी शरण जाएँ, वे बिना भेदभाव के आप पर कृपा करेंगे। ऐसे सबका हित साधन करने वाले, सहज, सरल स्वभाव वाले भगवान श्री रामजी के प्राकट्य दिवस रामनवमी

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शहीद दिवस


जो आदमी को इंसान बनाता है, जो आदमी को आदमी से जोड़ता है। वो है हमारा प्रेम आपस का, वो है हमारा प्रेम हमारे देश का॥ देश और देशवासियों के प्रति असीम प्रेम ने ही हमें क्रांतिकारी वीर शहीद भगतसिंह,राजगुरु और सुखदेव जैसे सपूत दिए. रामप्रसाद बिस्मिल, लाला लाजपतराय, सुभाष चन्द्र बोस जैसे त्यागी देशभक्त

अनूप जलोटा जालोर महोत्सव में करेंगे शिरकत


जालोर महोत्सव में भजन गायक अनूप जलोटा नटराज मंच पर गुरुवार को भजनों की प्रस्तुति देंगे। जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने बताया कि 15 से 17 फरवरी को आयोजित होने वाले जालोर महोत्सव में विविध कार्यक्रम होंगे। जिसके तहत 16 को जालोर स्टेडियम में स्थित नटराज मंच पर रात 8 बजे भजन गायक अनूप जलोटा

11 वां किऊल महोत्सव 22 से, 1100 कन्याएं निकालेंगी कलश यात्रा


ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मंगन वो तो गली गली हरि गुण गाने लगी जैसी भजनों से गुंजेगा किऊल महोत्सव। इस भजन के गायक और अंतराष्ट्रीय भजन सम्राट अनूप जलोटा 22 से शुरू होन वाले तीन दिवसीय किऊल महोत्सव का मुख्य आकर्षण होंगे। 11 वें किऊल महोत्सव की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा

किऊल महोत्सव में भजन पेश करते अनूप जलोटा।


किऊल स्टेशन पर रविवार से शुरू हुए किऊल महोत्सव की पहली शाम मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा की सुरीली आवाज ने लोगों का दिल जीत लिया। महफिल में बैठे लोग ऐसी लागी लगन… सुनने को बेताब थे। भजन सम्राट ने उनकी दिली इच्छा को पहले ही भांप लिया था। इस बीच मंच से उन्होंने जैसे

बसंत पंचमी महापर्व


वैसे तो दैवीय शक्तियों का न तो आदि है, न ही अंत; लेकिन फिर भी भारत देश में विद्या और संगीत की देवी “माता सरस्वती” का जन्म दिन बसंत पंचमी के दिन मनाते हैं।  सरल शब्दों में कहा जाए तो यह दिन, जीवन में विद्या और संगीत के महत्व को समझने का और उनके प्रति